Surya Satta
सीतापुर

जो लक्ष्य भगवान श्रीकृष्ण का था वही लक्ष्य विश्व हिन्दू परिषद का है: राजेश

सीतापुर।उत्तर प्रदेश के सीतापुर(sitapur) में विश्व हिन्दू परिषद(VHP) के कार्यक्रम में पहुंचे प्रान्त संगठन मंत्री राजेश(State Organization Minister Rajesh) ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद(Vishwa Hindu Parishad) की स्थापना धर्म की रक्षा व हिन्द समाज के मान सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा(To protect the religion and to protect the honor and self-respect of the Indian society) के लिए हुआ है. देश के बटवारे के समय यहां पर तीन करोड़ मुस्लिम समाज रह गया था. और वह हिन्दू समाज को लगातार दबा रहा था. हमारे देश की जो सरकार बनी वह भी तुष्टिकरण की राजनीति अपना रही थी. विश्व हिंदू परिषद ने 500000 ईसाई बन गये हिंदुओं को घर वापसी कराई है. राजस्थान में जो चौहान वंश के क्षत्रिय थे और मुसलमान बन गये थे ब्यावर में 80,000 परिवारों को पांच सालों में घर वापस लाने का काम किया है.
वीडियो देखने के लिए यूट्यूब लिंक पर क्लिक करें

विश्व हिन्दू परिषद  के तत्वाधान में निकाली गई शोभायात्रा

 विश्व हिन्दू परिषद के तत्वाधान शनिवार को विहिप के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बजरंग दल हिदू वाहिनी में कार्यकर्ताओं द्वारा सीतापुर जनपद के सिधौली नगर में शोभायात्रा निकाली गई.  शोभायात्रा के समापन के पश्चात सिधौली डाकबंगला परिसर में बैठक का आयोजन किया गया.

विश्व हिन्दू परिषद की 1964 को हुई थी स्थापन

 बैठक को संबोधित करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के प्रान्त संगठन मंत्री राजेश ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा की विश्व हिन्दू परिषद की स्थापन कृष्ण जन्माष्टमी के दिन सन 1964 में मुम्बई के सान्दीपनि गुरू के आश्रम में हुई थी. जो लक्ष्य भगवान श्रीकृष्ण का था वही लक्ष्य विश्व हिन्दू परिषद का है.

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म जिस दिन हुआ उसी दिन विश्व हिन्दू परिषद की हुई थी स्थाना

इसी लिए पूर्य संतों ने ऐसा दिन तैय किया, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म जिस दिन हुआ उसी दिन विश्व हिन्दू परिषद की स्थाना की. विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना के समय हिन्दू भ्रमित था. तमाम प्रकार की संधियां सरकार ने कर ली थी. देश का बटवारा हो गया था और यहां पर तीन करोड़ मुस्लिम समाज रह गया था. और वह हिन्दू समाज को लगातार दबा रहा था. हमारे देश की जो सरकार बनी वह भी तुष्टिकरण की राजनीति अपना रही थी. हिन्दू समाज के मान सम्मान व स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ कर रही थी.
 पूज्य संतों ने वाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय संचालक पूज्य गुरु जी ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना कृष्ण जन्माष्टमी के दिन इसीलिए करवाई कि धर्म की स्थापना हो सके और आज वह स्थित धीरे-धीरे आ गई है संपूर्ण देश का हिंदू कहता है कि मैं हिन्दू हूँ. पूरी दुनिया में तो ऐसे देश हैं जहां विश्व हिंदू परिषद काम करता है आज तमाम देशों में हिंदू समाज के तमाम सांसद हैं वह सरकार में बैठे है सन 1964 से पहले ऐसा भी था. हिन्दू को कोई पूंछता नही था. देश व देश के बाहर जो हिन्दू समाज रहता है उसका मान सम्मान स्वाभाविक कैसे सुरक्षित रहे इस के लिए संतों ने विश्व हिन्दू परिषद की स्थापन की.
विश्व हिंदू परिषद ने 500000 ईसाई बन गये हिंदुओं को घर वापसी कराई है राजस्थान में जो चौहान वंश के क्षत्रिय थे और मुसलमान बन गये थे ब्यावर में 80000 परिवारों को पांच सालों में घर वापसी लाने का काम किया है. 350000 गौवंशों को विश्व हिंदू परिषद ने बचाने का काम किया है.
इस दौरानबनगढ आश्रम के महंत संतोष दास खाकी महाराज ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हिदू और हिंदुस्तान की ताकत को पूरा विश्व देख चुका है. हमारा भारत अब अपनी राह खुद बनाता है.
 इस अवसर पर विहिपविभाग मंत्री आदित्य त्रिपाठी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजय पाण्डेय, विहिप प्रांत मंत्री बच्चे बाजपेयी, पूर्व चैयरमैन गंगाराम राजपूत, आचार्य मनीष पाण्डेय, राममोहन शुक्ल, प्रतीक सिंह, राहुल कुमार, मुन्ना अवस्थी, प्रशांत तिवारी, कर्मवीर, मनीष पांडेय, सर्वेश रावत, सर्वेश मिश्रा, अतुल मौर्य, जीतेंद्र सिंह, शिवनाथ सिंह, सोनू सिंह अर्कवंशी,सरवन मिश्रा,  कमल पाण्डेय, लक्ष्मी शंकर गिरि, धर्मेंद्र सिंह, सुधीर सिंह, आदेश शुक्ला, अशोक मिश्रा, लाल जी, कृतार्थ मिश्रा, सौरभ सिंह, गौरव मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्रा, राकेश पांडेय, चंद्रप्रकाश सिंह, नीरज सिंह, रामलखन गुप्ता, प्रेमदीप जायसवाल, विनय त्रिपाठी, राहुल, सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

Leave a Reply

You cannot copy content of this page