मच्छरजनित रोगों पर अंकुश लगाने को बनी रणनीति
सीतापुर। मच्छर व मच्छर जनित रोगों पर अंकुश लगाने के लिए नवागत जिला मलेरिया अधिकारी राजकुमार सारस्वत ने अपने अधीनस्थों के कार्य क्षेत्रों में बदलाव किया है. उन्होंने बताया कि गर्मी और सर्दी के मौसम का संधिकाल शुरू हो गया है। मच्छरों के लिए इस अनुकूल मौसम में विभाग की टीम को और सक्रियता से कार्य करने की आवश्यकता है। इसी क्रम में कार्य विभाजन के साथ ही एक रणनीति बनाकर काम किया जा रहा है.
डीएमओ राज कुमार सारस्वत ने बताया कि सहायक मलेरिया अधिकारी (एएमओ) मंजूषा गुप्ता महोली, पिसावां, मिश्रिख, तंबौर, सांडा, पहला, ऐलिया, खैराबाद, रामपुर मथुरा सीएचसी सहित सीतापुर शहरी क्षेत्र में वेक्टर जनित रोगों के प्रसार को कम करने का काम करेंगी.
इसी तरह सहायक मलेरिया अधिकारी अर्चना मिश्रा बिसवां, परसेंडी, रेउसा, लहरपुर, गोंदलामऊ, मछरेहटा, हरगांव, सिधौली, महमूदाबाद और कसमंडा सीएचसी का काम देखेंगी. वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक विवेक शुक्ला बिसवां, परसेंडी, लहरपुर और रेउसा सीएचसी क्षेत्र का काम देखेंगे। इसी तरह मलेरिया निरीक्षक सौरभ पांडेय महोली, पिसावां, मिश्रिख, तंबौर और मलेरिया निरीक्षक अंकित श्रीवास्तव गोंदलामऊ, मछरेहटा, हरगांव, सिधौली सीएचसी क्षेत्र में अपने वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोगी की भूमिका में रहेंगे. इसी तरह फाइलेरिया निरीक्षक ओम प्रकाश भारद्वाज पहला, सांडा, ऐलिया, खैराबाद और फाइलेरिया निरीक्षक आर्यन शुक्ला कसमंडा, महमूदाबाद, रामपुर मथुरा और सीतापुर शहरी क्षेत्र में अपने वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग करेंगे.
ऐसे करें बचाव
डीएमओ राज कुमार सारस्वत ने बताया कि वेक्टरजनित रोगों से बचाव के लिए मच्छरों से बचना जरूरी है और मच्छरों से बचाव के लिए घर के आस-पास पानी, कूड़ा और गंदगी जमा न होने दें। घर में भी कूलर, गमलों अथवा अन्य चीजों में पानी न जमा होने दें। सोते समय पूरी बांह के कपड़े पहने और मच्छरदानी का प्रयोग करें अथवा मच्छररोधी क्वायल जलाकर सोएं.