अब पीएचसी व उपकेंद्रों पर लें अंतरा और छाया
सीतापुर। परिवार नियोजन कार्यक्रम को गति देने के लिए अब शहरी और ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर भी परिवार नियोजन के अस्थायी साधन मिल सकेंगे.
11 पीएचसी व 64 उपकेंद्रों पर लागू हुई व्यवस्था
इस नई व्यवस्था के तहत जिले के 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व 64 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का चयन किया गया है, जहां पर यह सेवाएं आम लोगों को उपलब्ध हो सकेंगी.
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि यह व्यवस्था राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय के निर्देशों के क्रम में की गई है. इन सभी केंद्रों पर परिवार नियोजन का अस्थायी साधन अंतरा इंजेक्शन व छाया गोली उपलब्ध होंगी.
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अफसर और एसीएमओ डॉ. एसके शाही ने बताया कि परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों में खाने की गोली छाया एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं. इसे खाने के शुरूआत कभी भी यहां तक कि प्रसव के तुरंत बाद भी इसकी शुरूआत की जा सकती है. तीन माह तक 2 गोली प्रति सप्ताह और इसके बाद एक गोली प्रति सप्ताह निर्धारित दिवस पर खाई जा सकती है. पहली बार जिस दिन पहली गोली खाई है, तीन माह बाद उसी दिन प्रति सप्ताह एक गोली खानी है. परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों में अंतरा इंजेक्शन भी महिलाओं द्वारा बेहद पसंद किया जाता है. यह इंजेक्शन प्रति तीन माह के अंतर पर लगाया जाता है. इसे माहवारी आने के एक सप्ताह के अंदर और प्रसव होने के 6 सप्ताह बाद ही लगाया जाता है. गर्भवती को यह इंजेक्शन नहीं लगाया जाता है.
मिलती है प्रतिपूर्ति राशि
परिवार नियोजन कार्यक्रम के प्रबंधक जावेद खान ने बताया कि नसबंदी कराने वाली महिलाओं को 2,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. यदि महिला ने प्रसव के एक सप्ताह के भीतर नसबंदी कराई है तो उसे तीन तीन 3,000 हजार रुपये दिए जाते हैं. इसके अलावा नसबंदी कराने वाले पुरुष को 3,000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है. यह धनराशि संबंधित लाभार्थी को बैंक खाता के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है. साथ ही अंतरा इंजेक्शन के लाभार्थियों को 100 रुपये दिया जाता है. आशा कार्यकर्ता को पुरुष नसबंदी पर 400 रुपये व महिला नसबंदी पर 300 रुपये और अंतरा इंजेक्शन पर 100 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती हैं.