कौशल किशोर का लखनऊ से दिल्ली तक का सफर
मदन पाल सिंह अर्कवंशी
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) की नई टीम में उत्तर प्रदेश से एक ऐसे शख़्स की इंट्री हुई है जिसने हमेशा गरीबों, मजलूमो की आवाज़(sound) को बुलंद करके उनको न्याय दिलाने का काम किया है. उत्तर प्रदेश में जब कभी जनता में ये चर्चा होती है कि कौन सा ऐसा जनप्रतिनिधि है जिससे जनता सीधे एवं 24 घण्टे मिल सकती है, तब सीधे जुबान पर पहला नाम उत्तर प्रदेश के मोहनलालगंज (Mohanlalganj) से लोकसभा सांसद कौशल किशोर का नाम आता है. अधिकतर देखने मे मिलता है.
सन 1986 में विधानसभा मलिहाबाद से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था चुनाव
तमाम संघर्षों के बीच लखनऊ से दिल्ली तक का सफर तय करने वाले कौशल किशोर ने वर्ष 1986 में राजनीति के क्षेत्र में कदम रखते हुए लखनऊ जनपद की विधानसभा मलिहाबाद से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विधानसभा का चुनाव लड़ा था.
वर्ष 2000 में कौशल ने बनाई राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी
वर्ष 2000 में कौशल ने स्वयं की राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी बनाई. जिसके बैनर तले लगातार जनसमस्याओं को उठाते रहे. जनता को हक़ दिलाने के सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन कर जनता को न्याय दिलाने का काम किया.
वर्ष 2002 में निर्दलीय MLA का चुनाव जीतकर पहुंचे थे विधानसभा
वर्ष 2002 में कौशल किशोर की किस्मत ने उनका पूरा साथ दिया एवं मलिहाबाद की जनता ने अपने जमीनी नेता पर भरोसा करते हुए कौशल को विधायक बनाकर सदन पहुचाने का काम किया. जिसके बाद उनको सपा सरकार में राज्य मंत्री बनाया गया.
वर्ष 2004 सरकार में पहली बार लड़ा था लोकसभा का चुनाव
वर्ष 2004 में कौशल किशोर ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लोकसभा का चुनाव लड़ा. लेकिन जीत हासिल नही हो पाई.
वर्ष 2014 में BJP में शामिल होकर पहली बार पहुंचे लोकसभा
कौशल किशोर ने भारतीय जनता पार्टी वर्ष 2014 में कौशल किशोर ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. भाजपा ने कौशल किशोर पर भरोसा जताते हुए मोहनलालगंज लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा कौशल ने शीर्ष ने नेतृत्व के भरोसे को कायम रखते हुए एक बड़ी जीत हासिल करते हुए ये सीट भाजपा की झोली में डाल दी.
अनुसूचित समाज मे मजबूत पकड़ रखने वाले कौशल किशोर को भारतीय जनता पार्टी ने अनुसूचित मोर्चे का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर संगठन की मजबूत जिम्मेदारी सौंप दी है.
वर्ष 2019 में दूसरी बार MP का चुनाव जीतकर पहुंचे लोकसभा
वर्ष 2019 में फिर से भाजपा ने कौशल किशोर को मोहनलालगंज से प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतारा, जिसमे विपक्ष में सपा बसपा का गठबंधन चुनाव लड़ रहा था. लेकिन कौशल किशोर ने प्रचंड जीत हासिल की कौशल किशोर ने पारख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है, जिसमे हज़ारों लोग शामिल है. जुलाई 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कैबिनेट का बिस्तर कर कौशल किशोर को BJP नेतृत्व ने केन्द्रीय मंत्रिमंडल में सामिल किया गया.