मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में भी मिलेगी टीबी की जानकारी, टीबी मरीजों को गोद लेने वाले बनेंगे निक्षय मित्र
सीतापुर। देश को वर्ष 2025 तक क्षय रोग मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत हैं. इसी क्रम में अब हर रविवार को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में टीबी स्टॉल भी लगेगी.
एसीएमओ एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसके शाही ने बताया कि मेले में आने वालों को टीबी के लक्षणों के बारे में बताया जाएगा. साथ ही मुफ्त जांच और उपचार के बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा. जांच में जिन लोगों में टीबी की पुष्टि होगी, उनका इलाज तत्काल शुरू किया जायेगा. साथ ही उनका निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण भी कराया जाएगा.
डॉ. शाही ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत इसी माह से अब यह व्यवस्था भी की गयी है कि टीबी मरीजों को गोद लेने वालों का भी निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा. उनको अब निक्षय मित्र के रूप में जाना जायेगा. साथ ही क्षय रोगियों का नोटिफिकेशन बढाने के लिए अब सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले कुल मरीजों में से पांच फीसद मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीजों को टीबी की जांच के लिए रेफर किया जाएगा.
निक्षय पोषण योजना के तहत सरकार द्वारा क्षय रोगियों को इलाज के दौरान हर महीने 500 रुपये पोषण भत्ता के रूप में दिए जाते हैं. उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्षों में जिले में 32,404 टीबी मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं. जिले में एक अगस्त से क्षय रोगी खोजी अभियान चल रहा है, जो 30 सितंबर तक चलेगा. उन्होंने बताया की केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2022 में जिले में 13,300 टीबी के संभावित मरीजों को चिन्हित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 7,538 मरीज 26 जुलाई तक चिन्हित भी किए जा चुके हैं.
यह हैं टीबी के लक्षण
दो हफ्ते या उससे अधिक समय से लगातार खांसी का आना, खांसी के साथ बलगम और बलगम के साथ खून आना, वजन का घटना एवं भूख कम लगना, लगातार बुखार रहना, रात में पसीना आना, सीने में दर्द होना टीबी के लक्षण हैं. यह लक्षण होने पर मरीज को क्षय रोग केंद्र पर टीबी की जांच करानी चाहिए.