Surya Satta
राष्ट्रीय

विनोद यादव और प्रकाश कुमार त्रिपाठी ‘भाषा संस्कृति सेतु’ सम्मान से हुए अलंकृत

कोलकाता। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की विचारधारा पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक–वैचारिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन रविवार को भारतीय भाषा परिषद के प्रेक्षागृह में किया गया। यह कार्यक्रम ‘भाषा संस्कृति सेतु’, ‘भारतीय भाषा परिषद’ एवं ‘बंगीय हिंदी परिषद’ के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य भाषा, संस्कृति और विचार के क्षेत्र में कार्यरत रचनाकारों को सम्मानित कर समाज में सकारात्मक चेतना का प्रसार करना था।

इस अवसर पर भाषा, विचार और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भोजपुरी साहित्य विकास मंच के पदाधिकारी प्रकाश कुमार त्रिपाठी को ‘भाषा-संवर्धन सम्मान’ तथा विनोद यादव को ‘संस्कृति कला सम्मान’ से सम्मानित किया गया। ‘भाषा संस्कृति सेतु’ की संस्थापक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. उर्वशी श्रीवास्तव ने दोनों सम्मानित साहित्यकारों को उत्तरीय, प्रमाणपत्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

इसके अतिरिक्त भोजपुरी साहित्य विकास मंच के सदस्य डॉ. रेखा कुमारी त्रिपाठी, प्रिया श्रीवास्तव, श्रद्धा गुप्ता ‘केशरी’, निधि कुमारी सिंह एवं स्वाति भारद्वाज को प्रमाणपत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। वहीं मंच के बाल सदस्यों रोहित पाठक, अन्विता पाठक एवं राव्या श्रीवास्तव को पदक देकर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. (प्रो.) सोमा बंदोपाध्याय, कुलपति बाबा साहेब अंबेडकर विश्वविद्यालय, प्रधान अतिथि के रूप में डॉ. प्रबीर मुखोपाध्याय (पूर्व चेयरमैन, दामोदर घाटी निगम) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं निर्देशक उमा झुनझुनवाला उपस्थित रहीं। मुख्य वक्ता के रूप में रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. हितेंद्र पटेल ने नेताजी की विचारधारा और भाषाई एकता पर विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में कोलकाता एवं आसपास के जिलों से आए सैकड़ों साहित्यप्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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