Surya Satta
उत्तर प्रदेश

त्रिभाषा सम्मेलन हैदराबाद भावी पीढ़ी को प्रेरणा देगा : कवि संगम त्रिपाठी

हैदराबाद। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा एवं एस.एच.एम.वी. फाउंडेशन हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य त्रिभाषा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य हिंदी, संस्कृत और तेलुगु भाषाओं के आपसी समन्वय को सशक्त करना तथा भावी पीढ़ी को भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना रहा।
इस अवसर पर प्रसिद्ध कवि एवं हास्य-व्यंग्यकार संगम त्रिपाठी ने कहा कि त्रिभाषा सम्मेलन नई पीढ़ी को भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रति प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि हिंदी, संस्कृत और तेलुगु का संगम राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करता है।
कार्यक्रम में विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में कई महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियों का विमोचन किया गया। इनमें कवि बालकृष्ण रामभाउ महाजन (नागपुर) की कृति ‘जंग अभी जारी है’, साझा काव्य संग्रह ‘गंगांजलि’ तथा अन्य रचनाएं शामिल रहीं। इन कृतियों के संपादक डॉ. अजय शुक्ल हैं, जो प्रेरणादायक उद्धरणों से भरपूर हैं।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रावी नूतला शशिधर उपस्थित रहे। तेलुगु वक्ता आचार्य कसी रेड्डी वेंकट रेड्डी (पूर्व अध्यक्ष, तेलुगु विभाग, उस्मानिया विश्वविद्यालय), संस्कृत वक्ता चिलकर्मरी लक्ष्मीनाथ आचार्य (अध्यक्ष, संस्कृत भारती ट्रस्ट, तेलंगाना) तथा हिंदी वक्ता गजेन्द्र पाठक (सीनियर प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, हिंदी विभाग, हैदराबाद) ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में डॉ. गुंडाल विजय कुमार, प्रदीप मिश्र ‘अजनबी’, रामवल्लभ इंदौरी, डॉ. दुर्गेश नंदिनी, राकेश मणि त्रिपाठी सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए साहित्यकारों और भाषा प्रेमियों की सक्रिय सहभागिता रही। सम्मेलन का समापन साहित्य, भाषा और सांस्कृतिक एकता के संदेश के साथ हुआ।

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