आकाशवाणी से देवेंद्र कश्यप निडर की कहानी का कल होगा प्रसारण
सीतापुर। कहानी साहित्य का अप्रतिम उपहार है. यह नीरस जीवन को सरस बनाती है. इस काम को लोकभाषाएं भली भॉंति करती चली आ रही हैं इसलिए हरेक लोक साहित्यकार को कहानी विधा पर जरूर प्रयास करना चाहिए. यह मानना है माटी के रचनाकार देवेन्द्र कश्यप ‘निडर’ का. जो क्षेत्र के अल्लीपुर गाँव के निवासी व मछरेहटा ब्लॉक के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं. इसी अवधारणा को केन्द्र में रखकर इन्होंने खड़ी बोली और लोक भाषा अवधी में कई छोटी बड़ी कहानियों को लिखा है. लोक भाषा अवधी की इन्हीं कहानियों में से एक अम्मा नामक कहानी का आल इंडिया रेडियो ( आकाशवाणी लखनऊ ) से कल यानि 7 अगस्त रविवार को शाम साढ़े छ: बजे से लोकायन कार्यक्रम में प्रसारण होगा.
इस कहानी पाठ में एक गाँव की बूढ़ी अम्मा के विशाल व्यक्तित्व को चित्रित करते हुए लोक तत्व, शैक्षिक चेतना, राष्ट्रीय अनुराग दिखाया गया है. कहानियों के साथ साथ देवेंद्र कश्यप निडर ने साहित्य की विविध विधाओं में उत्कृष्ट लेखन किया है. श्रमिक साहित्य के अन्तर्गत आदिवासी विमर्श को भी खड़ा करते हुए पर्वत पुरुष दशरथ माँझी के अनुकरणीय जीवन संघर्ष को एक प्रबन्ध काव्य के रूप में जन सामान्य के मध्य उपस्थित किया है. इस संग्रहणीय और पठनीय प्रबन्ध काव्य का नाम श्रमवीर है.
इसके अतिरिक्त देवेंद्र कश्यप निडर ने अनेक गीतों, गजलों, छंदों आलेखों सहित बाल साहित्य और हास्य व्यंग्य भी लिखा है. जिसमें श्रंगार अंगार सामाजिक संवेदनाओं के साथ राष्ट्रीय प्रेम की अनमोल भावनाएँ भरी हैं. लोक भाषा अवधी की चर्चित पत्रिका भाखा में उप सम्पादन के गुरुतर दायित्वों का सम्पादन कर रहे हैं. श्री निडर मूलतः किसान, मजदूर, शैक्षिक, सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना के कलमकार हैं.
समय समय पर आकाशवाणी से इनके काव्यपाठों का प्रसारण भी होता रहता है. इन्हीं तमाम उपलब्धियों के चलते देवेंद्र कश्यप निडर शिवराम मिश्र शिक्षक साहित्यकार सम्मान सेे उ प्र हिन्दी संस्थान लखनऊ के निदेशक पवन कुमार के कर कमलों से विभूषित किये जा चुके हैं. उत्कृष्ट बाल साहित्य सृजन के लिए राज्य हिंदी संस्थान बनारस उत्तर प्रदेश ने भी प्रदेश स्तरीय प्रथम पुरस्कार से अलंकृत किया है. आकाशवाणी लखनऊ से कहानी पाठ के प्रसारण की सूचना से अनेक साहित्यकारों और शुभचिन्तकों के द्वारा इनको शुभकामनाएँ व बधाइयाँ प्रराप्त हो रही हैं.