विश्व हिंदी परिषद पश्चिम बंगाल इकाई की पहली बैठक संपन्न
कोलकाता। विश्व हिंदी परिषद की पश्चिम बंगाल इकाई की पहली बैठक शनिवार सायं गूगल मीट के माध्यम से आभासी रूप में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. नंदकिशोर साह ने की। बैठक का शुभारंभ पश्चिम बंगाल इकाई के सभी सदस्यों के परिचय के साथ हुआ, जिससे आपसी समन्वय और संगठनात्मक एकता को मजबूती मिली।
बैठक का प्रमुख उद्देश्य संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करना तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करना रहा। विशेष रूप से 10 जनवरी को मनाए जाने वाले विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस अवसर पर एक आभासी संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें परिषद के सभी सदस्य हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार से जुड़े अपने विचार, अनुभव और सुझाव साझा करेंगे, ताकि कार्यक्रम को सारगर्भित, प्रभावी और विचारोत्तेजक बनाया जा सके।
बैठक में प्रणति ठाकुर, सीमा शर्मा, डॉ. आशीष कुमार साहू, श्याम कुमार दास, विनोद यादव, हिमाद्री मिश्रा एवं विकास ठाकुर की सक्रिय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आयोजन एवं कुशल संचालन शैक्षणिक प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्वेता गुप्ता ‘स्वेतांबरी’ द्वारा किया गया। अध्यक्षीय वक्तव्य में डॉ. नंदकिशोर साह ने हिंदी की वैश्विक भूमिका, संगठन की जिम्मेदारियों और भविष्य की दिशा पर ओजस्वी विचार रखे, जिससे सभी सदस्यों में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार हुआ।
विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय सचिव डॉ. विपिन कुमार के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में यह बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। अंत में सभी सदस्यों ने संगठन के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

