Surya Satta
उत्तर प्रदेशराष्ट्रीयलखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी हिंसा केस में एसआईटी का खुलासा किसानों को मारने के नीयत से ही चढ़ाई गई थी गाड़ी

लखनऊ। लखीमपुर खीरी हिंसा केस में एसआईटी ने अहम खुलासे किए(SIT made important revelations in Lakhimpur Kheri violence case) हैं. एसआईटी ने लखीमपुर जिला जज कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट(Report presented in Lakhimpur District Judge Court) में कहा है कि किसानों को मारने के नीयत से ही गाड़ी चढ़ाई गई(The car was mounted with the intention of killing the farmers) थी. एसआईटी का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी, न कि कोई हादसा. वहीं, एसआईटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने की मांग की(Priyanka Gandhi tweeted and demanded the dismissal of Union Minister of State for Home Ajay Mishra Teni) है.
प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है कि ‘न्यायालय की फटकार व सत्याग्रह के चलते अब पुलिस का भी कहना है कि गृह राज्यमंत्री के बेटे ने साजिश करके किसानों को कुचला था. जांच होनी चाहिए कि इस साजिश में गृहराज्यमंत्री की क्या भूमिका थी? लेकिन प्रधानमंत्री जी किसान विरोधी मानसिकता के चलते आपने तो उन्हें पद से भी नहीं हटाया है.

लखीमपुर हिंसा की घटना को जानबूझकर और सुनियोजित तरीके से दिया गया अंजाम

एसआईटी ने सीजेएम के समक्ष आवेदन कर तिकुनिया में हुई हिंसा के 13 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोपों के अंतर्गत धाराएं बढ़ाने का अनुरोध किया है. एसआईटी जांच अधिकारी विद्याराम दिवाकर ने कोर्ट में दिए गए आवेदन में बताया है कि लखीमपुर हिंसा की घटना सुनियोजित और जानबूझकर की गई थी.
गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया गांव में 3 अक्टूबर को हादसे के बाद उपजी हिंसा में 3 किसानों और एक पत्रकार की मौत के साथ ही 3 बीजेपी कार्यकर्ताओं और मंत्री के ड्राइवर की भी मौत हो गई थी. इस मामले में 4 अक्टूबर को किसान जगजीत सिंह की तहरीर पर मुख्य आरोपी केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा पर धारा 302, 304 आईपीसी समेत तमाम गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था. इस मामले में 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है.

Leave a Reply

You cannot copy content of this page