Surya Satta
सीतापुर

शादाब आलम युक्रेन से सकुशल लैटे अपने वतन, गले से लगाकर माता-पिता हुए भाउक

सीतापुर। भारत सरकार के मिशन गंगा के तहत युक्रेन से सकुशल वतन वापसी कर घर लौटे शादाब ने भारत सरकार का आभार जताया है. सीतापुर जनपद की तहसील बिसवां के चंदनपुर गांव निवासी शादाब आलम सोमवार तडके अपने घर पहुंचा और ख़ुशी से झूम उठा अपने बेटे को सामने देखकर परिजनों की आँखे भर आई. वहीं आसपास के लोग व रिश्तेदार शादाब से मिलने पहुँच रहे हैं.
 इस बीच बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह शादाब से मिलने पहुंचे और फूल माला पहनाकर उसका स्वागत किया व उसका कुशलक्षेम जाना शादाब ने बताया कि वो यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित एक मेडिकल यूनिवर्सिटी का छात्र है. उसने बताया कि वो लोग दिन तो जैस तैसे गुजार लेते थे लेकिन रात में बंकर में छिपकर रहते थे. शादाब ने बताया कि जब युक्रेन में युद्ध की एडवाईजरी जारी की तो मन काँप गया. क्योंकि वहां कहा गया जो जाना चाहता है वो अपने रिस्क पर जा सकता है इसलिए साथियों ने हिम्मत जुटाई और किसी तरह हंगरी बॉर्डर पहुंचे वहां पर भारतीय एम्बेसी ने साथ दिया और उनके खाने पीने एवं बस ट्रेन की व्यवस्था करवाकर हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट भेजा.
 जहाँ पर 3 दिन रुकने के बाद भारत सरकार के प्रयासों से फ्लाईट के द्वारा भारत लाया गया जहाँ पर दिल्ली से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उनके घर तक पहुँचाया गया.  शादाब ने बताया कि युद्ध के बीच भारतीय छात्रों को वहां स निकलने में काफी परेशानी उठानी पड़ी लेकिन बॉर्डर को पार करते ही भारतीय दूतावास ने वापस लाने में पूरी मदद की है. शादाब व उसके परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद ज्ञापित किया है.

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