Surya Satta
शिक्षासीतापुर

संघ लोक सेवा आयोग की भारतीय सिविल सेवा परीक्षा पास कर प्रतीक्षा सिंह ने सीतापुर जिले का बढ़ाया मान  

सीतापुर। अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली प्रतीक्षा सिंह(Pratiksha Singh) सीतापुर(sitapur) जिले के विकास खण्ड गोंदलामऊ क्षेत्र के इस्माइलगंज (ismailganj) गांव निवासी राकेश कुमार सिंह की बेटी प्रतीक्षा सिंह ने सिविल सेवा की परीक्षा(civil services exam) में सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि जिले का भी नाम रोशन किया हैै. प्रतीक्षा सिंह की रैंक 262 है.
 22 साल की उम्र में इस मुकाम को हासिल करने के लिए घर पर रहकर ही प्रतीक्षा सिंह ने कठिन परिश्रम से तैयारी की. प्रतीक्षा सिंह ने अपने मामा के घर लखनऊ स्थित नविपना गांव में रहकर बख्शी का तालाब से अपनी प्रारम्भिक पढ़ाई की.
इसके बाद उनका सिलेक्शन नवोदय इंटर कॉलेज में हो गया. जहां से इन्होंने अपनी इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की. इसके बाद प्रतीक्षा सिंह ने अपने घर पर रहकर ही सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की. 22 साल की उम्र में संघ लोक सेवा आयोग की भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रतीक्षा सिंह ने इतिहास रचा. प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा सिंह जब महज 12 दिन की थी तभी पिताजी संगीत परिस्थितियों के चलते घर से गायब हो गए थे कहते हैं. जिनका आज तक कोई अता पता नहीं चला. प्रतीक्षा सिंह की माता मामा और नाना नानी ने मिलकर उनका पालन पोषण किया प्रतीक्षा सिंह की माता एक कुशल ग्रहणी है. प्रतीक्षा सिंह की सफलता की सूचना मिलते ही उनके घर बधाई देने वालों का आना-जाना शुरू हो गया.
फैमिली सपोर्ट व हार्डवर्क को बताया सफलता का मंत्र
भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली प्रतीक्षा सिंग मध्य वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं. प्रतीक्षा सिंह के बाबा इंद्रेश कुमार सिंह मार्केटिंग इंस्पेक्टर बख्शी का तालाब भी रहे हैं. प्रतीक्षा सिंह अपने अपने परिवार के सपोर्ट और अपने हार्डवर्क को सफलता की कुंजी बताती हैं. उनका कहना है कि परिवार के बीच रहकर पढ़ाई करने से जहां कठिन वर्क करने में सबका सहयोग मिलता हैं. वहीं कंटेंट व हार्डवर्क से सब संभव है। वह अपने बाबा इंद्रेश कुमार सिंह को  अपना आदर्श मानती हैं.

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