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सीतापुरस्वास्थ्य

पटाखों से होने वाला प्रदूषण आंखों व फेफड़ों को करता हैं प्रभावित: डॉ. मधु गैरोला

सीतापुर। खेतों में पराली जलाने तथा दीपावली पर आतिशबाजी से पैदा होने वाला प्रदूषण आपके स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाल सकता है. इसलिए मास्क नियमित लगाएं. इससे जहां आपको वायु प्रदूषण(air pollution) कम नुकसान पहुंचाएगा वहीं कोरोना के संक्रमण से भी बचे रहेंगे. यह जानकारी सीएमओ डॉ. मधु गैरोला(CMO Dr. Madhu Garola) ने एक विशेष मुलाकात में दी.
सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने कहा कि पटाखों से होने वाला धुआं प्रदूषण आंखों, नाक और गले के अलावा फेफड़ों को प्रभावित करता हैं. इससे बचाव के लिए जरूरी है कि आतिशबाजी के समय आप मास्क से अपने मुंह और नाक को अच्छी तरह से ढक कर रखें. साथ ही दो पहिया वाहन चलाने समय चश्मा जरूर लगाना चाहिए.

आतिशबाजी के प्रदूषण से बुजुर्गों व बच्चों की खास करे देखभाल

पटाखों से होने वाले प्रदूषण से बुजुर्गों व बच्चों की खास देखभाल करने की सलाह देते हुए सीएमओ ने कहा कि प्रदूषण से सांस और एलर्जी की बीमारियां होती है. दोनों ही बीमारियों के लक्षण आपस में मिलते है. कोरोना भी कमजोर प्रतिरोधक शक्ति वाले लोगों को गिरफ्त में लेता है. इस दौर में सावधानी ही एक मात्र इलाज है. इसलिए जरूरी है कि बच्चों को पटाखों से दूर रखना चाहिए. बच्चे पटाखे चलाने की जिद करते है तो आप अपनी देखरेख में ही बच्चों को पटाखे चलाने दे, पटाखों को चलाने के बाद उनसे उठने वाले धुएं से न सिर्फ बच्चों को दूर कर दें, बल्कि आप भी दूर हो जाएं. पटाखे चलाते समय पानी की भरी बाल्टी पास जरूर रखें.

पटाखों की वजह से हवा में दूषित कणों की बढ़ जाती है संख्या: डॉ. मधु गैरोला

सीएमओ ने बताया कि दीपावली के पटाखों की वजह से हवा में दूषित कणों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे आंखों में जलन, नाक और गले में खराश, खांसी, सांस लेने में दिक्कत होने के अलावा नजला व जुकाम हो सकता है. इसका बच्चों व बुजुर्गों को ज्यादा खतरा होता है. टीबी और अस्थमा के मरीजों को डाक्टर की सलाह के अनुसार दवा निर्धारित समय पर लेनी चाहिए और सावधानियां बरतनी चाहिए. घर के बुजुर्गों को बाहर जाने से परहेज करना चाहिए.  पटाखों के साथ वाहनों , इंडस्ट्री तथा पराली जलाने के उठने वाले धुएं में काफी जहरीले तत्व निकलते है जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित होते है. उन्हें घर में सुरक्षित रखे। बहुत जरूरी होने पर पूरी सावधानियों के साथ बाहर लेकर जाएं. शाम को कोशिश करें की उन्हें घर से बाहर न जानें दे.

सैनिटाइज किए हाथों से न चलाएं पटाखे

कोरोना को देखते हुए अभी बड़ी संख्या में लोग सैनिटाइजर का उपयोग कर रहे हैं लेकिन पटाखे फाेडते समय सैनिटाइजर का उपयोग खतरनाक हो सकता है. साथ ही पटाखों को सैनटाइजर के साथ नहीं रखें. पटाखों को फोड़ने के बाद सादे पानी से हाथ धोने के आधे घंटे बाद ही हाथों को सैनिटाइज करें. क्योंकि सैनिटाइजर में ज्वलनशील तत्व होते हैं जो किसी भी अप्रिय घटना को जन्म दे सकते हैं.

आंख और त्वचा की इस तरह करें सुरक्षा

पटाखों में बारूद के तत्व होते हैं, जिससे कुछ लोगों को एलर्जी भी होती है और ऐसे में विशेष सावधानी रखने की जरूरत होती है. लेकिन यदि एलर्जी न हो तो भी सावधानी रखनी चाहिए. पटाखा फोड़ने से पहले त्वचा में सनस्क्रीन या तेल लगा लें. आंखों के लिए जीरो पावर वाले चश्मे का उपयोग करना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार से चिंगारी आंखों में न आए.

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