ब्लाइंड डबल मर्डर का पुलिस ने किया खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सीतापुर(sitapur) में 4 दिन पूर्व हुए डबल मर्डर का खुलासा(double murder exposed) पुलिस ने किया है. हत्याकांड(massacre) के खुलासे में पुलिस(police) ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार(accused arrested) कर उनके पास से आला कत्ल बरामद किया है. वारदात(crime) को अंजाम 75 हजार रुपयों के लिए दिया गया था.
बीते रविवार को जिले के तालगांव थाना इलाके के मदनापुर गढ़ी में युवक और एक महिला के शव मिलने से हड़कंप मच गया था. इस घटना में हमलावरों ने महिला की नृशंस हत्या कर दी थी और उसके सिर को धड़ से अलग कर दिया था. वहीं युवक की गला रेत कर हत्या की थी. इस डबल मर्डर का मास्टरमाइंड तालगांव थाना क्षेत्र का रहने वाला शकील था.
डबल मर्डर के शीघ्र अनावरण हेतु SP ने 11टीमों का किया था गठन
पूरे मामले को लेकर एसपी आरपी सिंह के द्वारा 11 टीमें दो क्षेत्राधिकारीयों के नेतृत्व में गठित की गई थी. इस वारदात के बाद पुलिस के हाथ पांव फूले हुए थे. पुलिस ने खुलासे को लेकर दोनों मृतकों के पोस्टर भी वितरित कराए थे.
इसी बीच एक महिला जोकि उक्त पंपलेट को लेकर पुलिस से मिली और मृतक महिला को अपनी बहन के रूप में शिनाख्त की. उक्त महिला ने महिला की शिनाख्त मंजू देवी अपनी बहन व युवक सतीश को अपने बहनोई के रूप में शिनाख्त की.
पुलिस इस मामले की तफ्तीश कर रही थी जिसमें पुलिस को पता चला दोनों शव उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले सतीश तथा उसकी पत्नी मंजू देवी के हैं. पुलिस पूरे घटनाक्रम को कड़ी से कड़ी जोड़ती चली गई और इस दोहरे सनसनीखेज हत्याकांड खुलासा किया है.
पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल शकील अहमद पुत्र इसराइल, अकील अहमद पुत्र इसराइल, इसराइल पुत्र इस्माइल निवासीगण अंबावा थाना तालगांव सीतापुर, रमजान अली पुत्र मौला निवासी गऊघाट थाना ठाकुरगंज लखनऊ को गिरफ्तार किया गया.
देवरिया जनपद के रहने वाले थे मृतक दंपति
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तगण से गहनता से पूछताछ की गयी तो जानकारी हुई कि मदनापुर गढ़ी में मिले दोनों शव सतीश पुत्र शिवमूरत मंजू देवी पत्नी सतीश निवासी करहकोल थाना एकौना जनपद देवरिया के हैं. दोनो पति-पत्नी हैं पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त शकील ने बताया कि वह चिनहट के पास किराये पर रहकर मजदूरी करता है.
इन दोनों पति – पत्नी से करीब तीन माह पहले उसकी जान-पहचान हुई थी और उनके घर भी आना-जाना था. इस दौरान उसने मृतका मंजू ने कहा कि मेरे पास कुछ पैसे इकट्ठे हो गये है. इन्हें जमा करा दो. शीघ्र जमा कराने का आश्वासन देकर लालच में आकर शकील ने उन्हें लेने की योजना बनायी.
इसी क्रम में 24 जुलाई 2021 की शाम को अभियुक्त शकील दोनो पति-पत्नी मंजू व सतीश को विश्वास में लेकर अपनी मोटरसाइकिल पर लखनऊ से बैठाकर अपने गांव अम्बावा के पास मदनापुर गढ़ी तक ले आया.
जहां पूर्व योजना के अनुसार आये हुए बाकी तीन लोग अकील(शकील का भाई), रमजान(अकील का ससुर), इसराइल(शकील का पिता) और अभियुक्त शकील ने उन दोनों पर हमला कर तेज बांके से उनकी हत्या कर दी व उनके पैसे लेकर चले गये. दोनो व्यक्ति अन्य जनपद के थे.
उनकी पहचान न हो सके इसलिये उनके पहचान पत्र/मोबाइल भी अभियुक्तगण अपने साथ ले गये. महिला के पास से मिले 72,000/- रुपये चारों अभियुक्तो ने शकील की पत्नी सहित आपस में बांट लिये.
यद्यपि शकील की पत्नी रुख्सार मौके पर वारदात में शामिल नहीं थी किंतु उस को योजना को पहले से जानती थी व मृतका का आधार कार्ड/ पैनकार्ड तथा पति शकील के खूनालूद कपड़े उसके पास रखे थे. इसी कारण पैसे में उसका भी हिस्सा लगाया गया.
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त किया गए आला कत्ल बांका, मोटरसाइकिल, मोबाइल, तमंचा कारतूस सहित 72 हजार रुपये बरामद किए हैं. आईजी लक्ष्मी सिंह ने इस सफलता पर पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया है.
एसपी आर पी सिंह ने बताया कि यह हत्याकांड रुपए को लेकर हुआ था. जिसमें हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त शकील मंजू देवी के पास मौजूद 75 हजार की नकदी को हड़पना चाहता था. उसने हत्याकांड की साजिश रची और अपने परिवार वालों सहित साथियों के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया.
आईजी लक्ष्मी सिंह ने पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का दिया पुरस्कार
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त किया गए आला कत्ल बांका,मोटरसाइकिल, मोबाइल, तमंचा कारतूस सहित 72 हजार रुपये बरामद किए हैं. आईजी लक्ष्मी सिंह ने इस सफलता पर पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया है.
एसपी आर पी सिंह ने बताया कि यह हत्याकांड रुपए को लेकर हुआ था. जिसमें हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त शकील मंजू देवी के पास मौजूद 75 हजार की नकदी को हड़पना चाहता था. उसने हत्याकांड की साजिश रची और अपने परिवार वालों सहित साथियों के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया