Surya Satta
श्रावस्ती

पीयर एजूकेटर्स ने सामाजिक बदलाव लाने को शुरू किया जागरूकता अभियान 

श्रावस्ती। एकता में ताकत होती है और एकता के साथ किया गया प्रयास ही सार्थक होता है. इसी एकता के बल पर इकौना सीएचसी क्षेत्र के पीयर एजूकेटर्स ने नशा (मादक पदार्थों) के खिलाफ अभियान शुरू किया है.
 ये किशोर अपने गांव के साथ-साथ आसपास के गांवों को नशामुक्त बनाने के लिए लोगों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए जागरूक कर रहे हैं.
इसी क्रम में क्षेत्र के बेदोरा मिसरिक गांव में पीयर एजूकेटरर्स की बैठक आयोजित की गई। जिसमें मादक पदार्थों के दुष्परिणामों, पोषण आदि मुद्दों पर चर्चा की गई. बैठक का आयोजन राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किया गया.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम की जिला समंवयक बबीता बाजपेयी बताती हैं कि किशोर-किशोरियों द्वारा शुरू किया गया यह अभियान गांव को नशामुक्त करने के लिए एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दे रहा है. पीयर एजूकेटर्स गांव के अन्य किशोर-किशोरियों के साथ मिलकर उपलब्ध संसाधन व सामर्थ्य के अनुसार आसपास के ग्रामों में सामाजिक बदलाव लाने का काम कर रहें हैं.

नशा मुक्ति को लेकर किशोर-किशोरी कर रहे जागरूक

इसमें नशा मुक्ति उनका मूल मकसद है. इसके अलावा यह लोग पोषण, एनीमिया, माहवारी स्वच्छता और लैंगिक हिंसा आदि मुद्दों पर भी लोगों को जागरूक कर रही है. समाज में सकारात्मक सोच के साथ युवाओं को नशा छुड़ाकर उन्हें बेहतर भविष्य के लिए एक नई राह प्रदान की जा रही है. इस अभियान में आसपास के गांवों के दूसरे किशोर-किशोरियों को भी
जोड़ा जा रहा है.
इकौना सीएचसी पर तैनात अर्श काउंसलर नाजिम खान कहते हैं कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किशोर-किशोरियों के लिए छह प्राथमिकताओं- पोषाहार, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य (एसआरएच), गैर-संचारी बीमारियां (एनसीडी), मादक द्रव्यों का दुरुपयोग, मानसिक स्वास्थ्य, चोट एवं हिसा (जेंडर आधारित हिंसा समेत) को शामिल किया गया है. इस कार्यक्रम के तहत 10-19 आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों को विशेषज्ञों द्वारा किशोरावस्था से जुड़े विषयों पर तकनीकी रूप से सही जानकारी दी जाती है और उनकी शंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जाता है.
किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलावों के बीच किशोर-किशोरियों के मन में तमाम तरह की जिज्ञासाओं और शंकाओं को लेकर अंर्तद्वंद चलता रहता है. उम्र के इस मोड़ पर संकोच और शर्म के चलते वह अपनी मुश्किलों को दूसरों से नहीं कह पाते हैं, ऐसे में कई बार वह नशे का सेवन कर गलत रास्तों पर भी चल पड़ते हैं. किशोर-किशोरियों को इससे सुरक्षित रखने के लिए पीयर एजूकेटर्स द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के सकारात्मक परिणाम भी जल्द ही सामने आएंगे.
यह दे रहे अभियान को गति
इस अभियान को गति देने का काम पीयर एजूकेटर अंशिका पांडेय, वीरेंद्र कुमार, सौरभ तिवारी, रजिया परवीन, प्रियंका कुरील, आदर्श शर्मा, सौरभ शर्मा, आकाश पांडेय आदि कर रहे हैं.

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