Surya Satta
उत्तर प्रदेश

अब छात्रों को पढ़ाया जाएगा स्वास्थ्य व स्वच्छता का पाठ  

 

सीतापुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्कूलों में हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम का शीघ्र ही शुभारंभ किया जाएगा. इस कार्यक्रम के तहत चयनित शिक्षक-शिक्षिकाओं का हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडर के रूप में प्रशिक्षण शुरू करा दिया गया है. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां, बीमारी की रोकथाम एवं एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को स्कूल स्तर तक सुलभ बनाना है.

 

कार्यक्रम मुख्य रूप से किशोरों में चोट, हिंसा, मादक द्रव्य सेवन, जोखिम भरा यौन व्यवहार, मनोवैज्ञानिक एवं भावनात्मक विकार को कम करने पर केंद्रित है. एसीएमओ और कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. उदय प्रताप ने बताया कि जिले के 1259 उच्च प्राथमिक विद्यालय व 96 इंटर कॉलेजों के 2,710 शिक्षक-शिक्षिकाओं को हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडर बनाया गया है.

इन सभी हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडर का चार दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है. प्रत्येक विद्यालय से एक महिला व एक पुरूष शिक्षक को प्रशिक्षित कर हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडर बनाया जाएगा. यह दोनों शिक्षक प्रत्येक मंगलवार को विद्यालय में हेल्थ एंड वेलनेस दिवस आयोजित करेंगे.

 

इसमें बच्चों को स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति रोचक कहानी और खास गतिविधियों के जरिये जागरूक करेंगे. हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडर का प्रशिक्षण प्राप्त इन शिक्षकों का उत्तरदायित्व होगा कि वह छात्रों के अंदर भावनात्मक कल्याण तथा मानसिक स्वास्थ्य, पारस्परिक संबंध, मूल्य और जिम्मेदार नागरिकता, जेंडर समानता, पोषण स्वास्थ्य और स्वच्छता, मादक पदार्थों के दुरुपयोग और रोकथाम, स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना, प्रजनन स्वास्थ्य और एचआईवी की रोकथाम, इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग आदि विषयों के बारे में छात्रों को अवगत कराएंगे तथा किशोर स्वास्थ्य संबंधी उनकी समस्याओं की उनको जानकारी देंगे. इस कार्यक्रम की शत प्रतिशत सफलता के लिए हर कक्षा से दो छात्रों का चयन किया जाएगा जो हेल्थ एंड वेलनेस संदेश वाहक के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे.

विभिन्न तरह की होंगी गतिविधियां

राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला सलाहकार शिवाकांत ने बताया कि स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग द्वारा संचालित इस कार्यक्रम के तहत इन प्रशिक्षित शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा सरकारी एवं सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों के 10 से 19 वर्ष तक के स्कूली बच्चों को स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न तरह के गतिविधियों के बारे में जागरूक किया जाएगा.

 

बच्चों में स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं की पहचान करने के बाद उसका समाधान भी किया जाएगा. इसके साथ ही साप्ताहिक आयरन एवं फॉलिक एसिड अनुपूरण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय कृमि दिवस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को आईएफए एवं एल्बेंन्डाजोल की गोलियां भी खिलाई जाएगीं. किशोरी छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन भी प्रदान की जायेंगी.

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