सात मार्च से चलेगा मिशन इंद्रधनुष, सीतापुर के लिए वरदान बनेगा
सीतापुर। नियमित टीकाकरण से छूटे हुए दो वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती को टीका लगाने के लिए आगामी सात मार्च से मिशन इंद्रधनुष अभियान का पहला चरण शुरू हो रहा है. इसके तहत टीकाकरण से छूटे दो वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती का नि:शुल्क टीकाकरण किया जाएगा. तीन चरणों तक चलने वाले मिशन इंद्रधनुष अभियान का दूसरा चरण चार अप्रैल व तीसरा चरण दो मई से आयोजित किया जाएगा. प्रत्येक चरण में प्रारंभ होने से सात दिन तक विशेष अभियान चलाकर दो वर्ष तक की उम्र के पात्र बच्चों एवं गर्भवती को गंभीर बीमारियों की जीवनरक्षक वैक्सीन लगाई जाएगी.
अभियान के तहत 22,938 बच्चों व 6537 गर्भवती को लगेगा टीका
एसीएमओ एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. पीके सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दो वर्ष की उम्र तक के 22,938 बच्चों एवं 4,537 गर्भवती को टीकाकरण के लिए चिन्हित किया गया है. अभियान को सफल बनाने के लिए 4,140 टीमों का गठन किया गया है, जोकि 4,140 सत्रों का आयोजन कर टीकाकरण का काम करेंगी. उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत दो साल की उम्र तक के बच्चों को नौ जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए पोलियो, टीबी, गलाघोंटू, काली खांसी, टिटनेस, हैपैटाइटिस बी, जापानीज इंसेफेलाइटिस, खसरा और हीमोफिलस इंफ्लयूंजा बीमारियों से बचाने के लिय वैक्सीन लगाई जाएगी. इस अभियान के दौरान ओपीवी, बीसीजी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजल्स, विटाविन-ए, डीपीटी बूस्टर डोज, मिजल्स बूस्टर डोज और बूस्टर ओपीवी, पीसीवी के टीके लगाए जाएंगे.
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके सिंह ने बताया कि जहां पर छूटे बच्चे अथवा परिवार हों, वह लोग अपनी आशा और आंगनबाड़ी से संपर्क कर लें, जिस दिन गांव में टीम आए उस दिन वह नियत स्थान पर पहुंच कर टीका लगवा लें. उन्होंने कहा कि पेंटावेलेंट वैक्सीन लगने से किसी-किसी को बुखार आ सकता है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, आशा, एएनएम अथवा स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें. उन्होंने आमजन से यह भी अपील की है कि जब भी उनके क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचे तो वह टीकाकरण के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें. ऐसे में लोग एक-दूसरे के मध्य शारीरिक दूरी रखें और अपने मुंह व नाक को मास्क से अच्छी तरह से ढक कर रखें.