सूचनाएं अपडेट न होने पर स्टाफ नर्स का वेतन रोकने के निर्देश
सीतापुर। मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए एक मई से शुरू हुए ‘एक कदम सुरक्षित मातृत्व की ओर’ अभियान की स्थलीय सच्चाई जानने के लिए शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के महाप्रबंधक डॉ. आरपी दीक्षित और मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के राज्य सलाहकार प्रभाकर तिवारी ने सीतापुर जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीएचसी सिधौली सहित स्वास्थ्य उपकेंद्रों सरैंया और पतारा कला का भ्रमण करा कार्यक्रम का स्थलीय सत्यापन किया.
स्वास्थ्य उपकेंद्र सरैयां का निरीक्षण के दौरान राज्य स्तरीय टीम ने ब्लड प्रेशर और हीमोग्लोबिन की जांच करने का परीक्षण किया। सही जानकारी होने पर उन्होंने स्वास्थ्य कर्मी का उत्साहवर्धन भी किया. इसके बाद टीम ने हमीरपुर स्वास्थ्य उपकेंद्र का दौरा किया. यहां पर एएनएम उर्मिला देवी के अस्वस्थ होने के बाद भी नियमित रूप से ड्यूटी किए जाने पर पर एएनएम हो शाबासी दी. सीएचओ साक्षी अवस्थी और आशा रजनी अवस्थी से टीम ने विभागीय कार्यक्रमों की जानकारी चाही तो इन दोनों ने तमाम कार्यक्रमों की स्पष्ट जानकारी दी। इस मौके पर महाप्रबंधक डॉ. आरपी दीक्षित ने दो गर्भवती को स्वयं ऑयरन और कैल्शियम की गोलियां प्रदान की.

सीएचसी सिधौली के निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि प्रसव कक्ष में तैनात स्टाफ नर्स द्वारा प्रसूताओं को अस्पताल से छुट्टी दिए जाने पर पर्याप्त दवा नहीं दी जा रही है, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सभी चिकित्सकों एवं अन्य कर्मियों को इस संबंध में प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही. मंत्र ऐप और ई कवच ऐप पर सूचनाओं के अपडेट न होने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने दो दिनों में इसे अपडेट करने के निर्देश देते हुए संबंधित स्टाफ नर्स का माह मई का वेतन रोकने के निर्देश दिए.
इसके साथ ही उन्होंने दवाओं के उचित रखरखाव न होने पर भी संबंधित कर्मियों का पुन: प्रशिक्षण कराने का निर्देश दिया. एचआईवी जांच किट और सिफलिस के स्टॉक में होने के बाद भी इन्हें वीएचएनडी पर उपलब्ध न कराए जाने पर टीम ने नाराजगी जताई. इस मौके पर डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुजीत वर्मा, सीएचसी कसमंडा के अधीक्षक डॉ. अरविंद बाजपेयी, डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव, मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला सलाहकार उपेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे.
इस तरह चलेगा अभियान
डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने बताया कि ‘एक कदम सुरक्षित मातृत्व की ओर’ अभियान दो चरणों में चलाया जा रहा है. पहले चरण में एक मई से 24 मई तक लाभार्थियों को सभी स्वास्थ्य इकाइयों की ओपीडी एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान व वीएचएसएनडी सत्र के माध्यम से जन जागरूकता का काम किया जा रहा है.

इसके अलावा आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड व एलबेंडाजोल की गोलियों के वितरण के साथ ही स्वास्थ्य व पोषण संबंधी जानकारियां व सेवाएं दी जा रही हैं. दूसरे चरण में 25 मई से 31 मई तक माॅपअप सप्ताह के तहत क्षेत्र की छूटी हुई गर्भवती व धात्री महिलाओं को आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड व एलबेंडाजोल की गोलियों के वितरण के साथ ही स्वास्थ्य व पोषण संबंधी जानकारियां व सेवाएं दी जाएगीं.