किसान विपक्ष को वोट के माध्यम से खदेडेगा: दिनेश शर्मा
सीतापुर।उत्तर प्रदेश के सीतापुर पहुंचे उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा(Deputy Chief Minister Dinesh Sharma) ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की.इस के बाद लालबाग शहीद पार्क में चल रहे प्रादेशिक सांस्कृतिक सम्मेलन में शामिल हुए
इस दौरान डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा किसान बिल वापसी पर बोलते हुए कहा प्रधानमंत्री की जो इच्छा थी कि किसानों की आय दोगुनी हो, किसान बिल के पक्ष में भारत का एक वर्ग भारी संख्या में खड़ा हुआ था, कुछ लोगों को समझाने में दिक्कत हुई देरी हुई, इसलिए वापस लेना पड़ा.
किसानों की उन्नति के लिए PM मोदी की नीति है नियत है नही हुई वापस: दिनेश शर्मा
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने पत्रकारों से वर्ता के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री ने बिल तो वापस लिया है लेकिन किसानों की उन्नति के लिए किए जाने वाली जो उनकी नीति है नियत है वह वापस नहीं हुई. दृणता के साथ केंद्र भी और राज्य भी किसानों की आमदनी को दुगना कैसे करें और शोषण को कैसे रोका जा सके. खाद्यान्नों की खरीद व उपज में बढ़ोतरी, पानी व बिजली उपलब्धता, खाद्य की उपलब्धता के साथ किसान हित में समग्र कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार चला रही है.

किसान कभी पराजित नहीं हो सकता है वह अन्नदाता है, विपक्ष के लोग जो शोर मचा के अच्छे काम को कर रहे थे यह विपक्ष की पराजय है, उन्होंने किसानों के हित में किए जाने वाले कार्य में बाधा डाली. किसान विपक्ष को वोट के माध्यम से खदेडेगा.
धारा 370 सहित किसी बिल को वापस नहीं लिया जाएगा क्योंकि यह लागू हो चुका है कृषि बिल लागू नहीं हुआ था. वरुण गांधी के लखीमपुर मंत्री बर्खास्तगी के बयान को लेकर कहा मुझे जानकारी नही है,अगर कोई ऐसी बात है तो पार्टी फोरम में रखें.
इसके बाद डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा लालबाग शहीद पार्क में चल रहे प्रादेशिक सांस्कृतिक सम्मेलन में शामिल हुए.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार की नीति है सुरक्षा देना, स्वास्थ्य की चिंता करना, शिक्षा की व्यवस्था करना एवं सुशासन देना. इन सभी की बेहतर व्यवस्था के लिये पूर्ण प्रयास किये जा रहे हैं. उप मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार के द्वारा किये गये प्रयासों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी. उन्होंने कहा कि प्रदेश में नकलविहीन परीक्षा प्रणाली लागू की गयी है. संस्कृत विद्यालयों की स्थिति में सुधार हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि संस्कृत विद्यालयों में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें व्यावहारिक ज्योतिष, व्यावहारिक वास्तुशास्त्र, योग-दर्शन आदि का डिप्लोमा आधारित पाठ्यक्रम शामिल हैं. इसके अतिरिक्त पाठ्यक्रम में एन0सी0ई0आर0टी0 पाठ्यक्रम आधारित पुस्तकों को शामिल किया गया है. माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की तरह संस्कृत विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरूस्कृत किया जा रहा है. संस्कृत विद्यालयों के अध्यापकों को भी ग्रेज्युटी का लाभ दिये जाने, स्थायी शिक्षकों की सेवाकाल में मृत्यु होने पर आश्रित को नौकरी दिये जाने तथा माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की तरह अनेक प्रकार के पुरस्कार एवं सम्मान से सम्मानित किये जाने की व्यवस्था की गयी है.
उप मुख्यमंत्री जी ने अपनी महान परम्पराओं के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुये कहा कि आधुनिकता को अपनाये जाने से कोई एतराज नही है. लेकिन अपनी वास्तविकता एवं परम्पराओं को भूल जाना कष्टप्रद होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि हमें अपनी महान परम्पराओं से शिक्षा ग्रहण करते हुये अपने सांस्कृतिक मूल्यों एवं धरोहरों को सदैव सुरक्षित रखना होगा. बुजुर्गों के सम्मान की शिक्षा भी मा0 उप मुख्यमंत्री जी ने दी. उन्होंने नैमिषारण्य क्षेत्र की महानता के विषय में भी बताया.
उप मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तदर्थ शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। वित्त विहीन शिक्षकों की और अधिक उन्नति कैसे हो, इस दिशा में भी कार्य किया जा रहा है. डिग्री कालेज के शिक्षकों को शोध कराये जाने का अवसर दिये जाने के साथ-साथ उनकी पदोन्नति हेतु भी मार्ग प्रशस्त किये गये हैं। सभी शिक्षण संस्थानों में रोजगारपरक शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है. संस्कृत निदेशालय के निर्माण की कार्यवाही भी की जा रही है तथा बजट भी निर्गत किया जा चुका है.

यह लोग रहे मौजूद
नारदानन्द आश्रम के पीठाधीश्वर श्री देवेंद्रानंद सरस्वती ने अनेक विषयों पर प्रेरणादायक उद्बोधन दिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त कार्यवाहक प्रशांत ने किया. इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष अचिन मेहरोत्रा, विश्वम्भर दयाल तिवारी, संयोजक नैमिष रत्न तिवारी, पंकज पांडेय, विधायक सेवता ज्ञान तिवारी, विधायक मिश्रिख रामकृष्ण भार्गव, विधायक महोली शशांक त्रिवेदी सहित गणमान्य व्यक्ति, बड़ी संख्या में जनमानस मौजूद रहे.