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गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकता है डेंगू

 

श्रावस्ती : डेंगू एक वायरल बुखार है, जो संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है. डेंगू के कारण व्यक्ति का प्लेटलेट काउंट बहुत कम हो जाता है और कभी-कभी रक्तस्राव का कारण बनता है. डेंगू का सही समय पर इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है. हालांकि ज्यादातर मरीज इलाज के बाद ठीक हो जाते हैं. डेंगू की चपेट में कोई भी आ सकता है. सभी को सावधान रहने की जरूरत है. गर्भवती को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. गर्भावस्था के दौरान शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण डेंगू होने खतरा बढ़ जाता है. चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू प्रेगनेंट महिलाओं के गर्भ को भी नुकसान पहुंचा सकता है.
सीएमओ डॉ. एसपी तिवारी ने बताया कि डेंगू एवं मलेरिया होना जच्चा और बच्चा दोनों के लिए खतरनाक है. गर्भावस्था में तेज बुखार गर्भ को प्रभावित कर सकता है.

 

गर्भावस्था की प्रारंभिक अवस्था में हाई फीवर होने से मिसकैरेज (गर्भपात) होने की आशंका बढ़ जाती है. वहीं लेट प्रेगनेंसी की अवस्था में तेज बुखार होने से पीड़िता प्री टर्म लेबर में भी जा सकती हैं. वह बताते हैं कि डेंगू शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या को कम कर देता है. गर्भवती महिलाओं के शरीर में प्लेटलेट्स कम होने की वजह से ब्लीडिंग की समस्या भी बढ़ जाती है. मरीज को स्पाइनल एनेस्थीसिया भी पड़ सकता. डेंगू से बुखार आने पर मां के साथ बच्चा भी प्रभावित हो सकता है. वह बताते हैं कि तेज बुखार के कारण मरीज को डिहाइड्रेशन हो जाता है. इससे प्रसव के समय बच्चे की धड़कन बढ़-घट सकती है. साथ ही बच्चे में जन्मजात शारीरिक और मानसिक विकलांगता आ सकती है.

 

गर्भवती महिलाएं कैसे करें डेंगू से बचाव

 

डेंगू से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें, पोषक तत्वों को आहार में शामिल करें. बुखार होने पर पैरासीटामॉल का सेवन करें, प्लेटलेट्स काउंट पर नजर रखें. डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचाव करना हाेगा. पूरे आस्तीन के कपड़े पहनें. घर में कहीं भी साफ पानी न जमनें दें, डेंगू वाले मच्छर साफ पानी में ही पनपते हैं. घर में किसी को बुखार है तो डाॅक्टर के पास जब तक न जा सकें तब तक पैरासीटामोल दें. प्लेटलेट अगर कम भी हो रही होगी तो इससे खून की धमनियों की भीतरी सक्रियता बनी रहेगी. इलेक्ट्राल, पानी व दाल का पानी आदि लेते रहें. शरीर में पानी की मात्रा कम हुई तो यह हानिकारक हो सकता है.

डेंगू के लक्षण

आमतौर पर डेंगू में तेज बुखार होता है. डेंगू पीड़ित लोगों में बुखार के साथ इनमें से कम से कम दो लक्षण सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द, ग्रंथियों में सूजन अवश्य होते हैं.

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