भ्रष्टाचार की जांच करने गये एडीओ पंचायत रामपाल वर्मा को फंसाने की हो रही साजिश
सीतापुर। अधिकारी की जांच से भयभीत होकर उसे बदनाम करने का मामला जनपद सीतापुर के विकास खण्ड परसेंडी से प्रकाश में आ रहा है. इस संस्कृत से अधिकारियों की कार्य संस्कृत भी प्रभावित हो सकती है. बताते चलें विकास खण्ड परसेंडी के एडीओ पंचायत रामपाल वर्मा एक ईमानदार, कर्मठ और अनुशासन प्रिय अधिकारियों की सूची में शामिल है.



सीतापुर जनपद में आए कई जिलाधिकारियों ने इनकी कार्यशैली की सराहना की है अभी कुछ दिन पहले अपने दायित्वों का क्रियान्वयन करने के वास्ते एक जांच करने गए थे जहां पर ढेर सारी खामियां मिली जिससे नाराज होकर संबंधित प्रतिनिधियों को डांट फटकार लगाई थी और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को सुचारू क्रियान्वयन करने की सख्त हिदायत भी दी थी और यह भी निर्देश दिया था अबकी बार यदि शिथिलता पाई गई तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

इन्हीं सब बातों से नाराज होकर संबंधित प्रतिनिधियों ने एक साजिश के तहत ईमानदार एडीओ पंचायत रामपाल वर्मा को बदनाम करने प्रयास कर रहे हैं. वही विकास खण्ड परसेंडी में घोटाला मामले में एक निलंबित जेई जिनके द्वारा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया.जिसकी सूचना जनपद के उच्च अधिकारियों के पास भी है परंतु वर्तमान समय में निलंबित जेई के द्वारा ही विकास खण्ड के कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है. एडीओ पंचायत रामपाल वर्मा को बदनाम करने की साजिश निलंबित जेई की संलिप्तता प्राप्त सूत्रों के आधार पर बताई जा रही है.
लेकिन अब देखना दिलचस्प अब यह होगा कि भ्रष्टाचारी जनप्रतिनिधि अपने मंसूबों में कामयाब होकर एक इमानदार कर्मठ एडीओ पंचायत छवि धूमिल करने में कामयाब होंगे या फिर या फिर एडीओ पंचायत रामपाल वर्मा अपनी साख बचा पाएंगे.