Surya Satta
सीतापुर

लापरवाही, भ्रष्टाचार व मरीजों के साथ बदसलूकी करने का अड्डा बना सीएचसी सिधौली

 सीतापुर। लापरवाही, भ्रष्टाचार व मरीजों के साथ बदसलूकी करने का अड्डा बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिधौली  सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के कारण चर्चा का विषय बना अस्पताल, सीएचसी सिधौली का महिला अस्पताल बिजली जाने के बाद अंधेरे में डूब जाती है. भीषण गर्मी और मच्छरों से बचने केलिए महिला प्रसूताओं को अस्पताल की फर्श पर नवजात शिशुओं के साथ लेट रात काटनी पड़ रही है अस्पताल में सभी जरूरी सुबिधाये होने के बाद भी मरीजो को सुविधाएं क्यों नही मिल पा रही है. लोगो का कहना है कि काश जिस प्रकार उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण कर रहे है एक बार सीएचसी सिधौली का भी निरीक्षण कर तो बड़े बड़े जिम्मेदारों को पोल खुल जाएगी.
 और आपके घर में कोई नया मेहमान आने वाला है और आप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिधौली में डिलीवरी करवाना चाहते हैं तो सावधान हो जाइए आप चाहते हैं कि आप के मरीज की सलामती रहे तो मरीज को प्रसव कक्ष में जाने से पहले वहां पर तैनात नर्स वह डॉक्टरों से सेटिंग कर लीजिए और पहले ही उन्हें सुविधा शुल्क दे दीजिए यदि आप महिला हॉस्पिटल की दीवारों पर चस्पा सूचनाओं को पढ़ा जिसमें लिखा है गर्भवती महिलाओं को सभी सुविधाएं निशुल्क दी जाती हैं तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में जा सकते हैं क्योंकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिधौली के महिला अस्पताल में सीएससी अधीक्षक के नाक के नीचे बहुत बड़ा खेल होता है यदि नर्सों को सुविधा शुल्क नहीं मिला तो प्रसव कक्ष में जाने के बाद प्रसूता को प्रसव पीड़ा के साथ भद्दी भद्दी गालियां देने के साथ तरह-तरह की यातनाएं भी देती हैं भगवान का रूप कहे जाने वाले डॉक्टरों नर्सों के द्वारा भ्रष्टाचार के माध्यम से अतिरिक्त कमाई की चाह ने उन्हें हैवान बना दिया है.
 वही एक तरफ जहां प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक लगातार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पतालों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जान रहे हैं और सीतापुर जिला अधिकारी अनुज सिंह द्वारा लगातार जनपद में विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा है और लगातार लापरवाह हो पर कार्रवाई की जा रही है. लेकिन सिधौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी व कर्मचारियों पर शायद इन निरीक्षणो का कोई भी असर देखने को नहीं मिल रहा बेलगाम हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी ऐसे निरिक्षणो का कोईभी खौफ नजर नही आता जबकि सिधौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में असुविधाओं का अंबार देखा जा सकता है.
 इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक मरीज के आने के काफी देर बाद भी तलाशे नही मिलते और सबसे अच्छा तरीका डॉक्टरों के पास मरीज द्वारा देर से आने व अस्पताल में डॉक्टर के न मिलने का कारण पूछने पर मरीजो को रिफर करने का तरीका अपनाया जाता है. वही अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी जमकर वसूली की जाती है वहीं बिजली जाने के बाद सिधौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित 50 सैया महिला अस्पताल अंधेरे में डूब जाता है अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं व प्रसूता व उनके तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
 मंगलवार को रात भीषण गर्मी मच्छर से बचाव और नवजात शिशु को लेकर प्रसूता आएं गर्मी और अंधेरे से बचने के लिए वार्ड के बाहर फर्श पर लेटी दिखी मंगलवार की रात 10 बजे के करीब प्रसूताएं अपने परिजनों के साथ अस्पताल की बिल्डिंग के ही बाहर हाल में फर्श पर लेटी हुई थी बिलरिया गांव निवासी सुमित्रा ने जानकारी करने पर उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी व मच्छरों अंधेरे के कारण वह लोग कमरे से बाहर आ गए हैं कारण पूछने पर बताया कि जब तक बिजली नहीं आती तब तक यहां अंधेरा ही रहता है उन्होंने बताया कि उनकी बहू का तीसरा बच्चा है जिसकी डिलवरी क लिए वह सीएचसी आयी है.
 लेकिन यहाँ पर बिजली न होने के कारण वह नवजात को लेकर बाहर फर्स पर बहु के साथ है मानपरा निवासी महिला ने बताया कि वह अपनी बहू रामश्री को लेकर प्रसव कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आई थी डिलीवरी हो चुकी है लेकिन बिजली न होने के कारण कमरे में उनकी बहू को चक्कर आने लगे और उल्टियां होने लगी जिसके कारण वह कमरे से बाहर आ गई और अपने बहू और परिवार के साथ नवजात बच्चे को लेकर फर्श पर लेटी हुई है.
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर आरके वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था है इमरजेंसी में तैनात जो चिकित्सक हैं उनसे बात कर लीजिए रात्रि में महिला डॉक्टर ड्यूटी के बारे में उन्होंने बताया किस सीएचसी में जो भी डॉक्टर इमरजेंसी में होता है वही रात में महिला अस्पताल की भी मरीजों को देखता है अन्य कार्य महिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स व अन्य लोग करते हैं.

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